दोस्तों, आजकल पूरी दुनिया में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। कहीं अत्यधिक गर्मी पड़ रही है, कहीं भारी सूखा देखने को मिल रहा है, तो कहीं अत्यधिक बारिश हो रही है। इसी कारण El Niño भारत में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकार एवं मौसम विभाग (Meteorological Department) भी अलर्ट मोड में दिखाई पड़ रहे हैं।
क्या है एल नीनो? || What is El Niño
एल नीनो (El Niño) प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में उत्पन्न होने वाली एक प्राकृतिक जलवायु घटना (Natural Climate Phenomenon) है। स्पेनिश भाषा में “El Niño” का अर्थ होता है “छोटा बच्चा” या “भगवान का पुत्र” (Little Child or Son of God)।
यह घटना लगभग हर 2 से 7 वर्षों के बीच देखने को मिलती है और इसका प्रभाव कई महीनों तक बना रह सकता है।
भारत पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? || What Impact Will This Have on India
भारत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक मानसून (Monsoon) और कृषि क्षेत्र पर निर्भर करती है। एल नीनो भारत के मानसून को प्रभावित कर सकता है, जिससे मानसून कमजोर पड़ जाता है। इसके कारण सूखे की आशंका, अत्यधिक गर्मी तथा कृषि उत्पादन में भारी गिरावट जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
1. बारिश एवं मानसून में गिरावट || Decline in Rainfall and Monsoon
एल नीनो के प्रभाव से प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप निम्नलिखित प्रभाव देखने को मिलते हैं —
- भारत में औसत से कम मानसूनी वर्षा होती है।
- दक्षिण भारत में मानसून के आगमन में देरी हो सकती है।
- जुलाई से अगस्त के लंबे अंतराल में बारिश न होने के कारण सूखे (Dry Spell) की समस्या बढ़ जाती है।

2. कृषि एवं अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव || Profound Impact on Agriculture and Economy
हम सभी जानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की कृषि काफी हद तक बारिश पर निर्भर करती है। इसलिए एल नीनो का सीधा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) पर पड़ता है।
- खरीफ फसलें (Kharif Crops) जैसे चावल, दाल और सोयाबीन (Rice, Lentils, Soybeans) की पैदावार प्रभावित होती है।
- अनाजों की उपज में कमी आने के कारण खाद्य सामग्री एवं सब्जियों की कीमतें बढ़ने लगती हैं।
3. भीषण गर्मी एवं जल संकट || Severe Heat and Water Crisis
एल नीनो के दौरान तापमान में काफी वृद्धि देखने को मिलती है।
- तालाबों और बांधों (Ponds and Dams) में जल स्तर कम हो जाता है, जिससे पीने के पानी तथा जल विद्युत उत्पादन (Hydroelectric Power Generation) में कठिनाई आती है।
- गर्मियों में अत्यधिक लू (Heatwave) चलने लगती है।
4. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ना || Increasing Health Problems
तापमान बढ़ने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।
- लू लगना (Heat Stroke) और निर्जलीकरण (Dehydration) का खतरा बढ़ जाता है।
- बच्चों और बुजुर्गों पर इसका प्रभाव अधिक देखने को मिलता है।
भारतीय सरकार क्यों है एल नीनो से सावधान || Why is the Indian government wary of El Nino?
मौसम विभाग से जुड़े वैज्ञानिक एवं विशेषागों के मुताबिक मौजूदा समय में एल नीनो (El Niño) के सक्रिय होने से ताप मात्रा औसतन से ज्यादा होने की संभावना है फलस्वरुप मौसम विभाग एवं सरकार किसानों से सलाह मशवरा कर रहे हैं ताकि कृषक समाज अपनी फसलों को अच्छी तरह से देखभाल कर सके एल नीनो (El Niño) के प्रभाव को भारत के अलावा भी पूरी दुनिया में देखी जा रही है जैसे कि कई देशों में भारी बारिश, बाढ़, तूफान एवं सूखे जैसी समस्याएं देखी जाएगी तो अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, इंडोनेशिया जैसे देशों में इसका गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा।
निष्कर्ष || Conclusion
एल नीनो (El Niño) सिर्फ एक प्राकृतिक जलवायु घटना नहीं बल्कि इसके प्रभाव को सीधे तौर पर मौसम,कृषि,अर्थव्यवस्था तथा मानवीय जीवन (Weather, Agriculture, Economy and Human Life) पर देखा जाएगा इस कारण से देश की सरकार मौसम विभाग तथा आम जनता को सतर्क रहने की एवं पर्यावरण संरक्षण (Environmental Protection) में जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है।

